

ऋषिकेश (आशीष कुकरेती) 20 अप्रैल भगवान वेणुगोपाल के ब्रह्मेमहोत्सव के पंचम एवं समापन दिवस के अवसर पर कृष्ण कुंज आश्रम माया कुंड में बड़ी धूमधाम के साथ नंद महोत्सव मनाया गया जिसमें जगतगुरु रामानंदाचार्य उत्तराखंड पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णाचार्य महाराज द्वारा भगवान वेणुगोपाल को 108 कलशो से जलाभिषेक किया गया जिसमें दक्षिण भारत से आए ऋषि कुमारो ने वेद मंत्रोच्चारण के साथ नंद महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया ब्रह्म महोत्सव रथ यात्रा के साथ संपन्न हुआ
कृष्णाचार्य महाराज ने कहा कि शास्त्रों में भगवान के पांच रूप माने गए हैं उन्होंने कहा कि एक बार ब्रह्मा जी ने कांचीपुरम में यज्ञ किया यज्ञ से भगवान प्रकट हुए सर्वप्रथम वर्मा जी ने उन्हें प्रतिष्ठित कर उनका उत्सव मनाया था तब से उसे ब्रह्म महोत्सव के रूप में मनाया जाता है
संध्याकालीन समझ में भगवान वेणुगोपाल की रथ यात्रा बड़े धूमधाम के साथ नगर भ्रमण के लिए निकल गई रथ यात्रा केवलानंद चौक से निर्मल आश्रम सुभाष चौक क्षेत्र रोड से होती हुई भरत जी महाराज भरत भगवान के दर्शन कर आदि जगहों से आकर कृष्ण कुंज आश्रम में संपन्न हुई भगवान वेणुगोपाल का जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया एवं हजारों की संख्या में लोगों ने भगवान के विग्रह रूप के दर्शन कर मन्नतें मांगी
युवराज स्वामी गोपालाचार्य महाराज महंत रवि प्रपन्नाचार्य, रोशन लाल कौशिक, पीके श्रीवास्तव, आचार्य लक्ष्मी नारायण, आचार्य राघवेंद्र, राकेश मोहन, विजय वशिष्ठ, सकांत उपाध्याय, संजय दीक्षित और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।

