

ऋषिकेश, (आशीष कुकरेती) 15 जून अधिकमास, पावन सोमवती अमावस्या के अवसर पर परमार्थ निकेतन में देश-विदेश से आये श्रद्धालुओं ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती , कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी , डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती तथा संत मुरलीधर के सान्निध्य में मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर राष्ट्र समृद्धि, विश्व शांति एवं कल्याण की प्रार्थना की। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, ध्यान, दान एवं यज्ञ में सहभाग कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा, “अधिकमास के अवसर पर सोमवती अमावस्या का यह पावन संयोग 301 वर्षों के बाद आया है। सबसे बड़ा योग व संयोग तो यही है कि हम मां गंगा के पावन तट पर हैं।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आज विश्व वृद्ध दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस है और श्रीराम कथा हमें अपने बड़ों का सम्मान तथा उनकी आज्ञा का पालन करने का दिव्य संदेश देती है। उन्होंने कहा, “जिन हाथों ने हमें चलना सिखाया, जिन आँखों ने हमारे लिये अनगिनत सपने देखे,
परमार्थ गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने गंगा जी से विशेष प्रार्थनाएँ कीं तथा अपने जीवन में संस्कार, सम्मान और सेवा के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।

