


ऋषिकेश (आशीष कुकरेती) 3 जनवरी एनएसएस इकाई श्री पूर्णानंद इंटर कॉलेज मुनि की रेती के साथ दिवसीय विशेष शिविर के आज चतुर्थ दिन नशा मुक्त उत्तराखंड संस्कार युक्त उत्तराखंड थीम पर स्वयंसेवियों ने नगर पालिका मुनि की रेती क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से नशा न करने की अपील की एवं उन्हें किसी भी सामाजिक एवं पारिवारिक समारोह में नशा न परोसने की शपथ दिलाई। इस दौरान स्वयंसेवियों ने 378 परिवारों के नागरिकों से संपर्क कर उन्हें जागृत करने का कार्य किया। आज के दिन की शुरुआत योगाचार्य सागर खंडूरी एवं मंजू मेहरा की देखरेख में योग योग अभ्यास से किया। बौद्धिक सत्र में मुख्य अतिथि नगर पालिका मुनि की रेती की अध्यक्ष नीलम बिजलवान ने स्वयंसेवियों को पर्यावरण प्रदूषण से वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों को होने वाले नुकसान से अवगत कराते हुए कहा कि छोटी-छोटी का बातों का ध्यान रखने से हम भयंकर तरह से भी से बच सकते हैं, यदि हम सुख कूड़ा एवं जिला कूड़ा को अलग-अलग करके रखते हैं तो इससे खाद बनाने एवं रीसाइकलिंग करने में सुविधा होगी। और पर्यावरण प्रदूषित होने से बच जाएगा। क्षेत्र में नशा के प्रचलन में वृद्धि होने पर अध्यक्ष जी ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वर्तमान युवा योग नगरी ऋषिकेश में योग के प्रति अपना दिलचस्पी दिखाएं ताकि वह नशा से दूर रह सके। उन्होंने स्वयंसेवियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जन जागृति से समाज में आवश्यक बदलाव आता है और स्वयंसेवकों के द्वारा किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों से एक दिन समाज की बुराइयां दूर अवश्य होगी। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी चंद्र मोहन सिंह ने अध्यक्ष जी को अवगत कराया कि विगत दिन से अत्यधिक ठंड बढ़ने से स्वयंसेवकों को परेशानी हो रही है। अध्यक्ष जी ने संज्ञान लेते ही स्वयंसेवकों के लिए तुरंत अलाव की व्यवस्था उपलब्ध करा दी। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने दारू मा दारू दारू ह्वेगे, जक्की द्याख तकी पड़ूं, सुन्गुरू बनिगी झांझी जैसे लोकगीतों एवं कविताओं के माध्यम से समाज में बढ़ते नशा के कुप्रभावों पर निशाना साधा।श्रमदान सत्र में स्वयंसेवियों ने पुष्प वाटिका एवं किचन गार्डन का निर्माण किया। इस अवसर पर सहायक अध्यापक राजू लाल पूजा नौटियाल, प्रतिभा पंवार, कुलबीर बुटोला, सुशील कुकरेती, पुष्पा शर्मा आदि उपस्थित रहे।

