


ऋषिकेश (आशीष कुकरेती ) देहरादून 4 अक्टूबर विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को देहरादून में पूर्व राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र जुगरान से मुलाकात कर 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता से मुक्त रखने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने रविंद्र जुगरान को अवगत कराया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के आदेश के क्रम में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए भी TET उत्तीर्ण करने की व्यवस्था लागू की गई है। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार आदेश में 55 वर्ष से अधिक आयु के शिक्षकों को सेवा में बने रहने की छूट दी गई है, लेकिन TET उत्तीर्ण न करने की स्थिति में पदोन्नति पर रोक तथा निर्धारित अवधि तक TET उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों की सेवा प्रभावित होने का प्रावधान किया गया है।
समिति ने कहा कि इससे उत्तराखंड समेत देशभर के लगभग 25 लाख शिक्षकों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक और उनके परिवार अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि RTE अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ था, जबकि NCTE ने 23 अगस्त 2010 को संबंधित प्रावधान अधिसूचित किए थे। इससे पहले नियुक्त शिक्षक उस समय सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षिक एवं नियुक्ति मानकों को पूरा करते हुए सेवा में आए थे। ऐसे में 25 से 30 वर्ष तक अध्यापन कार्य कर चुके शिक्षकों को अब TET उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य करना व्यावहारिक नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूर्णतः मुक्त किया जाए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों की नौकरी, पदोन्नति और भविष्य सुरक्षित रह सके।
रविंद्र जुगरान ने प्रतिनिधिमंडल की मांग को गंभीरता से सुनते हुए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को जायज बताया। उन्होंने प्रदेश एवं केंद्र सरकार के स्तर पर इस मामले के समाधान के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में राज्य के शिक्षा सचिव तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।
समिति के सदस्यों ने पूर्व में 16,500 शिक्षकों को ब्रिज कोर्स से राहत दिलाने में सहयोग के लिए रविंद्र जुगरान का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया।
प्रतिनिधि मंडल में विशिष्ट बीटीसी प्रदेश संघर्ष समिति उत्तराखंड के प्रदेश संयोजक नरेन्द्र मैठाणी सह संयोजक राकेश बागड़ी , गोपाल भट्टाचार्य, दर्शन सिंह पंवार, अनिल चमोली, सूर्य प्रकाश पैन्यूली, कुंवर भंडारी, सुनील नेगी, विनोद रौथाण, मधुसूदन गैरोला, प्रमोद उनियाल, विजेंद्र, प्रदीप बाजपेई, संत कुमार, विपिन सचान, राजेश रौथाण, मनोज नौटियाल, अरविंद मीडा, जय प्रकाश पाण्डेय सहित अन्य शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।

