टिहरी में मनाया गया प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस दिवस



 

दिनांक: 27 जनवरी, 2026

“टिहरी में मनाया गया प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस”

न्याय, समानता और समरसता का प्रतीक बना प्रथम देवभूमि यूसीसी दिवस समारोह”

मुनि की रेती (आशीष कुकरेती) आज मंगलवार को सभागार (खेल विभाग) निकट विकास भवन नई टिहरी में प्रथम देवभूमि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मा. जिला न्यायाधीश नितिन शर्मा, जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, सीजेएम मो. याकूब, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक राम त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख चंबा सुमन सजवाण, जिलाध्यक्ष भाजपा उदय सिंह रावत, जिलाध्यक्ष उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ज्योति प्रसाद भट्ट, पीडी डीआरडीए पी.एस. चौहान, डीपीआरओ एम.एम. खान, पीओ अभियोजन सीमा एडीपीआरओ राकेश शर्मा आदि अन्य गणमान्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस मौके पर मुख्य अतिथि ने उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू हुए एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बधाई देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि यूसीसी का मूल भाव है सभी नागरिकों के लिए समान कानून, न्याय, समानता और पारदर्शिता, साथ ही महिलाओं को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना। उन्होंने बताया कि यूसीसी का सीधा सम्बन्ध संविधान, समाज और नागरिकों के अधिकारों से है। एक वर्ष के अनुभव ने सिद्ध किया है कि यूसीसी से सामाजिक समरसता बढ़ी है, कानूनी प्रक्रियाएं और समाज में न्याय की भावना मजबूत हुई है।

मा. जिला न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून बनाने की प्रक्रिया में वे भी सहभागी रहे हैं। उन्होंने यूसीसी की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कानून क्यों आवश्यक है तथा किस प्रकार यह समाज में समानता एवं न्याय को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि यूसीसी को लेकर आमजन में व्यापक जागरूकता एवं उत्साह देखने को मिल रहा है। मा. जिला न्यायाधीश ने यूसीसी को लेकर जिला प्रशासन द्वारा जिला मुख्यालय सहित ब्लॉक स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से लोग अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को बेहतर रूप से समझ सकेंगे, जिससे न्यायालयों में उनकी प्रभावी पैरवी संभव हो सकेगी।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड में यूसीसी की विचारधारा से लेकर उसे विधिक ढांचे में ढालने तक की पूरी यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इसके माध्यम से न्याय, समानता एवं विश्वास को सशक्त आधार मिला है। उन्होंने बताया कि यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल समाधान आधारित व्यवस्था विकसित की गई है।जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद टिहरी की कुल 1049 ग्राम पंचायतों में से 459 ग्राम पंचायतें यूसीसी के अंतर्गत शत-प्रतिशत संतृप्त हो चुकी हैं, 34 हजार 387 पंजीकरण तथा 33 हजार 376 सर्टिफिकेट जनरेट हो चुके हैं, जो जनपद में इसके सफल क्रियान्वयन का प्रमाण है।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने यूसीसी के विधिक प्रावधानों एवं नागरिक अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को न्याय तक सुगम एवं समान पहुंच उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यूसीसी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र वितरित कर सम्मानित किया गया। साथ ही यूसीसी पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म का प्रसारण किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को इसके उद्देश्य एवं प्रावधानों की जानकारी सरल एवं प्रभावी ढंग से प्राप्त हुई। श्रीदेव सुमन संस्कृति दल के कलाकारों द्वारा यूसीसी से संबंधित गीत की प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में यूसीसी के विभिन्न प्रावधानों, इसके सामाजिक एवं विधिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उपस्थित जनसमूह ने समानता, न्याय एवं सामाजिक समरसता आधारित समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

समारोह में अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।


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