


मुनिकीरेती 17 अक्टूबर माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती द्वारा आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्री रामलीला मंचन के सप्तम दिवस पर रामलीला मैदान, नया पुल, चौदह बीघा में श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत लीलाओं का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के संरक्षक मंडल के योगेश राणा एवं संतोष पांथरी ने श्री गणेश वंदना के साथ किया।
सप्तम दिवस पर शबरी उद्धार, श्री हनुमान प्रकटोत्सव, श्रीराम-हनुमान संवाद, सुग्रीव-बाली युद्ध, बाली वध एवं सीता जी की खोज की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया।
लीला के दौरान प्रभु श्रीराम की करुणा, भक्ति और धर्म की अद्भुत झलक देखने को मिली। प्रभु श्रीराम ने माता शबरी को दर्शन देकर उनका उद्धार किया और सच्ची भक्ति एवं समर्पण का संदेश दिया। इसके बाद श्री हनुमान जी का प्रकटोत्सव हुआ। प्रभु श्रीराम और हनुमान जी के दिव्य संवाद ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
इसके पश्चात सुग्रीव और बाली के बीच हुए युद्ध का मंचन किया गया। धर्म की स्थापना के लिए प्रभु श्रीराम द्वारा बाली का वध किया गया और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया गया। अंत में माता सीता की खोज के लिए वानर सेना को विभिन्न दिशाओं में भेजने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष संदीप परमार सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रांति दल से केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर, केंद्रीय सलाहकार वीर चंद्र रमोला, केंद्रीय संगठन मंत्री करण सिंह बर्तवाल, नगर अध्यक्ष मुनिकीरेती महिपाल सिंह बिष्ट, जिला अध्यक्ष टिहरी गढ़वाल कुंवर सिंह राणा, नगर कार्यकारिणी अध्यक्ष विजय लक्ष्मी बलोदी, नगर उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ रेशमा पेन्यूली एवं ललिता राणा, नगर अध्यक्ष संस्कृति प्रकोष्ठ रंजना डबराल तथा नगर प्रभारी युवा प्रकोष्ठ गुरदीप राणा मुख्य अतिथि एवं अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इसके अलावा मातृशक्ति सुमन सुबोध उनियाल, बीना जोशी, उषा बडोला, सुनीता नेगी, नीमा पवार, बीना बिष्ट, विशेष्वरी उनियाल एवं सरोज कुकरेती तथा लोक गायक विनोद बिजलवान भी कार्यक्रम के साक्षी बने।
रामलीला के दौरान मैदान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक उपस्थित रहे और कलाकारों के शानदार अभिनय पर दर्शकों ने तालियों से उत्साहवर्धन किया।

