


ऋषिकेश (आशीष कुकरेती) मुनिकीरेती 18 अगस्त उत्तराखंड आंदोलन के प्रणेता एवं ‘पर्वतीय गांधी’ के नाम से विख्यात स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी की 27वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को श्री गंगा गौ सेवा समिति, मुनिकीरेती की ओर से मां गंगा की दैनिक आरती से पूर्व श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। समिति के अध्यक्ष महंत मनोज प्रपन्नाचार्य के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में नगर के गणमान्य नागरिकों, राज्य आंदोलनकारियों एवं श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर बडोनी जी के चित्र के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर महंत मनोज प्रपन्नाचार्य ने कहा कि इन्द्रमणि बडोनी का संपूर्ण जीवन देवभूमि उत्तराखंड के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मजबूत नींव रखने वाले बडोनी जी ने सामान्य परिवार में जन्म लेकर अपने संघर्ष और विचारों के बल पर प्रदेश की राजनीति में विशिष्ट पहचान बनाई। ग्राम प्रधान से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र का तीन बार प्रतिनिधित्व करने तक उनका राजनीतिक जीवन जनसेवा को समर्पित रहा।
उन्होंने कहा कि सादा जीवन, उच्च विचार और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलते हुए बडोनी जी ने पृथक राज्य के लिए जनजागरण का अभियान चलाया। उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर अमेरिकी समाचार पत्र ने उन्हें ‘पर्वतीय गांधी’ की उपाधि दी थी। राजनीतिक क्षेत्र के साथ-साथ सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक क्षेत्र में भी उनका योगदान अविस्मरणीय है। वह एक राजनेता होने के साथ ही कुशल अभिनेता, निर्देशक, लेखक और गीतकार भी थे।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य सुभाष चंद्र डोभाल ने किया। इस दौरान उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष शैलेश सेमवाल, चन्द्रवीर पोखरियाल, सूर्य चन्द सिंह चौहान, घनश्याम नौटियाल, डॉक्टर जनार्दन कैरवान, विनोद वडथ्वाल , भारत भूषण कुकरेती, मनोज मलासी, जगदीश उनियाल, अनिल मैठाणी, रोशन ध्यानी, मधुलिका द्विवेदी , सीमा विजल्वाण, सुनील कपरुवान, हीरा लाल डंगवाल, देवेन्द्र जोशी, सुन्दर लाल कंडवाल प्रशान्त भट्ट, धनीराम विंजौला, सहित आरती के समस्त आचार्य एवं बडी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

