

मुनि की रेती (आशीष कुकरेती) दीक्षात समारोह कार्यक्रम में जिसमें अनेकों देशों से आप साधकों को योग का और सनातन धर्म की शिक्षा पद्धतियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परम महामंडलेश्वर स्वामी दयाराम दास महाराज ने कहा कि शरीर, मन और आसमा को नियंत्रित करने में योग मदद करता है।
शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है। यह तनाव और चिता का प्रबंधन करने में भी सहायता करता है और आपको आराम से रहने में मदद करता है।
द्योग आसन शक्ति, शरीर में लवीलेपन और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए जाना जाता है। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि, तुलसी मानस मंदिर रामायण प्रचार समिति के महत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा योग के द्वारा हमारे जीवन में फायदे ही फायदे, कई बीमारियों का इलाज संभव, योग आसन शरीर मन और आत्मा की नियंत्रित करने में मदद करते हैं!
शरीर और मन को शांत करने के लिए यह शारीरिक और मानसिक अनुशासन का एक संतुलन बनाता है।
योग तनाव और चिंता का प्रबंधन करने में भी सहायक है। संस्थापक संस्कार योग आश्रम के योग गुरु नवीन जोशी ने मुख्य अतिथि विशिष्ट अतिथि उत्तरीय पुष्पा आर पहनाकर स्मृति चिन्ह
देकर सम्मानित किया सभी साधक को प्रमाण पत्र उत्तरीय उड़ाकर सम्मानित किया गया पर्यावरण सरक्षण एवं संवर्धन के लिए गंगा की स्वच्छता अखंडता के लिए सभी विदेशी साधकों की सकल्प भी दिलाया।
योगी अजय जोशी योगी विक्की नौटियाल ,योगी अभिनंदन आदि अनेकों साधक मातृशकि दीक्षांत समारोह में उपस्थित रहे सभी ने विश्व शांति विश्व कल्याण के लिए यज्ञ आयोजित किया गया और सभी साधकों की सनातन धर्म की शिका पद्धतियों की अपने जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।

