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20वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया गया, प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग पर दिया गया जोर



ऋषिकेश (आशीष कुकरेती) टिहरी  29 जून, 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर सोमवार को जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी कार्यालय, टिहरी गढ़वाल में प्रसिद्ध सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशांत चन्द्र महालनोबिस की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रो. महालनोबिस के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके जीवन एवं सांख्यिकी के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए अपर सांख्यिकीय अधिकारी संदीप कुमार ने प्रो. महालनोबिस के जीवन परिचय एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 29 जून 1893 को कोलकाता में हुआ था। उन्होंने भारतीय सांख्यिकीय संस्थान (आईएसआई) की स्थापना की तथा देश में आधुनिक सांख्यिकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी ओर से प्रतिपादित ‘महालनोबिस दूरी’ (Mahalanobis Distance) आज भी सांख्यिकी के क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है। भारत सरकार ने उनके योगदान के सम्मान में वर्ष 2007 से प्रत्येक वर्ष 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।

इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम “Unlocking the Potential of Administrative Data” रखी गई है। इस विषय पर मनोज सिंह, सौरभ नौटियाल, प्रांजल कण्डवाल एवं अनुज सिंह, सहायक सांख्यिकीय अधिकारियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग, नीति निर्माण तथा सुशासन में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के समापन पर जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी साक्षी शर्मा ने थीम की विस्तृत व्याख्या करते हुए बताया कि प्रशासनिक आंकड़े शासन-प्रशासन की योजनाओं, नीतियों एवं निर्णय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने कहा कि सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़ों के प्रभावी उपयोग से बेहतर योजना निर्माण, संसाधनों का समुचित प्रबंधन तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है।


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