

सेवा निवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखण्ड, देहरादून की मासिक बैठक प्रदेश कार्यालय परेड ग्राउन्ड देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष विरेन्द्र सिंह कृषाली की अध्यक्षता में व प्रदेश महासचिव चन्द्र प्रकाश के संचालन में सम्पन्न हुई
बैठक में प्रस्ताव पारित किए गए.
अगस्त 2025 से फरवरी 2026 तक पेंशनर्स के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान न होने से प्रदेश के सभी पेंशनर्स में गहरा आक्रोश है ।अधिकांश पेंशनर्स गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं जिन्हें यथासमय धनराशि की अति आवश्यकता होती है।कतिपय पेंशनर्स नेअपने बिलों के भुगतान की प्रत्याशा में प्राण त्याग दिये जो कि गंभीर चिन्ता व खेदजनक है। संगठन की प्रबल मांग है कि फरवरी माह तक के पेंशनर्स के सभी बिलों का भुगतान 10 मार्च 2026 तक किया जाय।
गोल्डन कार्ड धारक पेंशनर्स जब स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त करने चिन्हित अस्पतालों में जाता है तो अस्पताल में बेड न होने का बहाना देकर उन्हें भर्ती नहीं किया जाता,पेंशनर्स को वापस लौटाया जाता है मजबूर होकर गोल्डन कार्ड धारक मरीज का
प्राइवेट अस्पतालों में जाना ही एक मार्ग है। इस तरह गोल्डन कार्ड धारक महंगे इलाज नहीं करा सकता है और बिना इलाज के मौत के मुंह में समा जाता है।यदि अपने भाग्य या ऊँची सिफारिश से पेंशनर्स भर्ती हो जाता है तो उसका गोल्डन कार्ड चालू (activate) नहीं होता संगठन की प्रबल माँग है कि हर हाल में गोल्डन कार्ड धारक को संबधित अस्पताल में भर्ती किया जाय।किसी भी स्थिति में पेंशनर्स को वापस न किया जाय। ऐसा करने पर ऐसे अस्पताल पर कठोर कार्रवाई की जाए।गोल्डन कार्ड धारक मरीज अमुख अस्पताल में कितने भर्ती हैं।प्रतिदिन सार्वजनिक स्थल पर चस्पा किया जाय। बेड न होने का बहाना न बनाया जाए चाहे* आपातकालीन व्यवस्था ही बनायी जाए। इस सम्बन्ध में अस्पतालों को कडे निर्देश दिए जांय।
पेंशनर्स के चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों के भुगतान की कठिन प्रक्रिया है इसमें सबसे पहले इलाज कराने वाले अस्पताल के सुपरिटेंडेंट से बिलों पर प्रतिहस्ताक्षरित करवाकर मूल विभाग के डी.डी.ओ. से सी.एम.ओ./अधीक्षक के कार्यालय में Online भेजा जाता है जांचोपरान्त पुन: डी.डी.ओ.के पास आन लाइन राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजा जाता है।संग्यान में है कि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा भी आपत्ति लगाकर बिल पुन: वापस डी.डी. ओ.के पास भेजा जाता है।इस मकड़जाल में करीब 3-4 माह लग जाते हैं।बढतीआयु के पेंशनर्स इतनी दौड भाग करने में असहाय रहते हैं।इससे पेंशनर्स को मानसिक,आर्थिक व शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस सम्बन्ध में संगठन की प्रबल मांग है कि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण में बिल जैसे ही प्राप्त होता है उसे भली प्रकार से जांच कर पात्र धनराशि पेंशनर्स के खाते में सीधे भेजी जाए। बिल किसी भी स्थिति में वापस न किया जाए।
गोल्डन कार्ड के अंशदान कटौती बढाये जाने का संगठन विरोध करता है। कटौती की अधिक धनराशी काटने के सम्बन्ध में संगठन से वार्ता करें।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान हेतु प्रति छमाही संगठन के साथ बैठक किये जाने की प्रबल मांग।
5 सूत्रीय प्रकरणों का यदि 10 मार्च 2026 तक समाधान नहीं किया जाता तो दिनांक 17 मार्च 2026 को प्रात: 11 बजे राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के प्रांगण में प्रदेश संगठन द्वारा धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा जिसका उत्तरदायित्व राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण होगा.
बैठक में आर.एस परिहार, एम.एस. गुसाई, सरदार रोशन सिंह,मोहन सिंह रावत, गुरू प्रसाद बिजल्वाण,हृदयराम सेमवाल,जबर सिंह पंवार,बचनी रावत,नरेश रतूडी,एन.एस.वर्मा, चन्द्र मोहन उनियाल,उमेश चन्द्र डोभाल, जगदीश प्रसाद रतूडी,आर.एस विरोरिया,विजयसिंह रावत, सौकार सिंह असवाल,बलराम कोहली आदि उपस्थित रहे।

