


मुनिकीरेती/ टिहरी 13 अक्टूबर माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती द्वारा आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्रीरामलीला मंचन के तृतीय दिवस पर सीता स्वयंवर एवं धनुष यज्ञ की लीला का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम की भक्ति में भावविभोर नजर आए।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गणेश वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर गढ़भूमि लोक संस्कृति संरक्षण समिति, गंगा सेवा पर्यावरण सुरक्षा समिति, आवाज साहित्यिक संस्था, संस्कारशाला ट्रस्ट एवं माँ गंगा रामलीला समिति के अध्यक्ष दिनेश डबराल, गजेंद्र सिंह कंडियाल, अशोक क्रेजी, संतोष व्यास एवं महेश कुड़ियाल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
तृतीय दिवस के मंचन में जनक-विश्वामित्र मिलन, गौरी पूजन, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर तथा परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला प्रस्तुत की गई। मिथिला नगरी में आयोजित सीता स्वयंवर के प्रसंग में गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम ने भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई। प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष भंग हो गया और पूरा जनकपुर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
इसके बाद माता सीता ने प्रभु श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उन्हें अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। वहीं, परशुराम और लक्ष्मण के बीच हुए संवाद ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कलाकारों के शानदार अभिनय और संवाद प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रामलीला के इस मंचन ने श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम, त्याग और मर्यादा का संदेश दिया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, धर्माचार्य पंडित दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय, मंत्री गंगा रावत सहित समिति के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

