मुनिकीरेती 12 अक्टूबर माँ गंगा रामलीला समिति (रजि.), चौदह बीघा, मुनिकीरेती द्वारा आयोजित पंचम भव्य एवं दिव्य श्रीरामलीला मंचन के द्वितीय दिवस श्रीराम जन्म, सीता जन्म, विश्वामित्र लीला, ताड़का वध, सुबाहु वध एवं अहिल्या उद्धार की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण भक्तिमय हो गया। समिति के संरक्षक महंत मनोज प्रपन्नाचार्य के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला की अध्यक्ष नीलम बिजलवान ने बतौर मुख्य अतिथि गणेश वंदना के साथ किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष के साथ बोर्ड के सदस्य, मुनि की रेती प्रेस क्लब के संरक्षक सूर्य चंद्र सिंह चौहान अध्यक्ष संजय बडोला सहित प्रेस क्लब की टीम भी मौजूद रही। रामलीला मंचन में अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्म की दिव्य लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। श्रीराम जन्म के साथ ही अयोध्या में खुशियों का माहौल छा गया। वहीं मिथिला में माता सीता के प्राकट्य की लीला ने दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराई। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र के साथ वन गमन की लीला का मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम ने ताड़का का वध कर ऋषि-मुनियों को भयमुक्त किया। इसके साथ ही सुबाहु वध और अहिल्या उद्धार की लीला का भी प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और संवादों ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा। रामलीला की इन लीलाओं के माध्यम से भक्ति, साहस, मर्यादा और धर्म की रक्षा का संदेश दिया गया। प्रभु श्रीराम के आदर्श चरित्र ने श्रद्धालुओं को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। रामलीला आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष संदीप परमार, मुख्य सलाहकार देवेंद्र दत्त जोशी, दिनेश सेमल्टी, सलाहकार मनोज मलासी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष उनियाल, उपाध्यक्ष प्रदीप सकलानी, महासचिव अनिल बडोनी, सचिव डॉ. मनीष भट्ट, कोषाध्यक्ष जितेंद्र उनियाल, संगठन मंत्री संजय पांजा, विधि सलाहकार विकास उपाध्याय एवं मंत्री गंगा रावत सहित समिति के समस्त पदाधिकारियों और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जय श्रीराम के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।