


8 अक्टूबर मुनिकीरेती-ढालवाला, टिहरी गढ़वाल। नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती-ढालवाला द्वारा नगर क्षेत्र में निराश्रित एवं आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पशु कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्वान बंध्याकरण शल्य चिकित्सा एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 08 अक्टूबर 2026 को किया गया। अभियान की शुरुआत नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 10 एवं 11 से की गई।
अध्यक्ष नीलम बिजलवान एवं अधिशासी अधिकारी बद्री प्रसाद भट्ट के निर्देशों के अनुपालन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य निराश्रित श्वानों की बढ़ती संख्या को वैज्ञानिक एवं मानवीय तरीके से नियंत्रित करने के साथ-साथ रेबीज की रोकथाम तथा श्वान के काटने की घटनाओं में कमी लाना है।
अभियान के अंतर्गत चिन्हित निराश्रित श्वानों को सुरक्षित एवं मानवीय प्रक्रिया के तहत पकड़कर उनका बंध्याकरण, आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार तथा एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया जा रहा है। अभियान के दौरान पशु कल्याण से संबंधित लागू दिशा-निर्देशों एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
उपचार के बाद उसी क्षेत्र में होगी सुरक्षित वापसी
बंध्याकरण, उपचार एवं टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक श्वान की पहचान एवं आवश्यक रिकॉर्ड के आधार पर उसे उसी मूल क्षेत्र में सुरक्षित रूप से वापस छोड़ा जाएगा, जहां से उसे पकड़ा गया है। इससे पशु कल्याण के सिद्धांतों का पालन करते हुए श्वान जनसंख्या नियंत्रण की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं मानवीय बनाए रखने में सहायता मिलेगी। नगर पालिका के अनुसार एंटी-रेबीज टीकाकरण से रेबीज संक्रमण की रोकथाम में सहायता मिलेगी, जबकि बंध्याकरण के माध्यम से भविष्य में निराश्रित श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। अभियान को मानव स्वास्थ्य, जनसुरक्षा एवं पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया है। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पालिका की ओर से मुख्य सफाई निरीक्षक नितिन सती, सेनेटरी इंस्पेक्टर कमल सिंह चौहान, पर्यावरण पर्यवेक्षक राजू, वार्ड संख्या 11 के सभासद प्रतिनिधि अरविंद सिंह नेगी तथा वार्ड संख्या 10 के सभासद विनोद सकलानी सहित संबंधित कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नगर पालिका परिषद ने नगरवासियों से अपील की है कि अभियान के दौरान संबंधित टीमों का सहयोग करें तथा निराश्रित श्वानों को अनावश्यक रूप से परेशान अथवा घायल न करें। किसी भी निराश्रित श्वान से संबंधित जानकारी अथवा समस्या होने पर नगर पालिका को सूचित करें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

