


ऋषिकेश (आशीष कुकरेती) देहरादून 8 सितंबर सेवा निवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन उत्तराखण्ड की मासिक बैठक परेड ग्राउंड स्थित संघ भवन में प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कृषाली की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन प्रदेश महासचिव चन्द्र प्रकाश ने किया। बैठक में पेंशनर्स की स्वास्थ्य सुविधाओं, गोल्डन कार्ड योजना और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में संगठन ने प्रदेश के सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में गोल्डन कार्ड योजना को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की। पेंशनर्स ने कहा कि हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट सहित जिन अस्पतालों का भुगतान लंबित है, उनका बकाया शीघ्र जारी किया जाए, ताकि पेंशनर्स को पूर्व की भांति निर्बाध स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। संगठन ने प्रदेश के पेंशनर्स के लिए ओपीडी (OPD) सुविधा निशुल्क किए जाने की भी मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि ओपीडी सुविधा न होने के कारण सामान्य रोगों से पीड़ित पेंशनर्स को भी कई बार अस्पताल में भर्ती होने के लिए विवश होना पड़ता है, जिससे मरीजों के साथ-साथ राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण पर भी अनावश्यक आर्थिक भार पड़ता है। बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संगठन का कहना था कि वृद्धावस्था में पेंशनर्स को विभिन्न कार्यालयों और आहरण-वितरण अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं तथा ऑनलाइन प्रक्रिया में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
पेंशनर्स संगठन ने कैंसर, किडनी सहित अन्य असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों को अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराने तथा शासन एवं राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से राहत अनुदान दिए जाने की मांग की।
बैठक में वर्ष 2006 से पूर्व के शासनादेशों के अनुरूप चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए विभागों को पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। साथ ही गोल्डन कार्ड योजना से वंचित करीब 35 हजार पेंशनर्स को पुनः योजना से जुड़ने के लिए एक अवसर प्रदान करने की मांग की गई।
संगठन ने एम्स ऋषिकेश में उत्तराखण्ड के पेंशनर्स के लिए अलग से काउंटर स्थापित करने की भी प्रबल मांग की।
बैठक में आर.एस. परिहार, मनवर सिंह गुसाईं, सरदार रोशन सिंह, मोहन सिंह रावत, जबर सिंह पंवार, राजेंद्र सिंह गुसाईं, प्रेम चंद, शोभा पांडेय, बचनी रावत, रोजलिन, मोहन सिंह नेगी, हरि कृष्ण बडोनी, उमेश चंद्र डोभाल, वी.पी. सकलानी, सौकार सिंह असवाल, ओ.पी. जुझेलिया, चंद्र किरण वर्मा, विजय सिंह रावत, सैयद राहत अली, मनोहर लाल सड़ाना, वी.आर. कोली, हुकम सिंह गुसाईं, दिनेश चंद्र बडोनी, हुकम सिंह पुंडीर, धनी राम सेमवाल सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।

